किन्नौर में पटरी पर नहीं लौटा जनजीवन

किन्नौर। मूसलाधार बारिश के बाद मची तबाही के बाद किन्नौर में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। जिले में सड़क-पानी और बिजली ठप होने से लोगों का जनजीवन ठहर सा गया है। जिले के अधिकांश क्षेत्र अंधेरे में डूबे हुए हैं। इसके साथ ही लोगों को अब खाने की चिंता भी सताने लगी है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध है। लेकिन, लोगों को रसोई गैस के संकट से दो चार होना पड़ सकता है। कुदरती कहर के बाद बेघर हुए कई लोगों को अपने रिश्तेदारों तो कइयों को शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है। सांगला में अभी भी सैकड़ों सैलानी फंसे हुए हैं।
कई स्थानों से लोग लापता हैं। जिले के रोपा कंडा में भी करीब बारह भेड़ पालकों के फंसे होने की सूचना जिला प्रशासन को मिली है। ये लोग भेड़-बकरियों को चराने के लिए रोपा कंडा की ओर गए थे। लेकिन, अभी तक लौट कर नहीं पहुंचे हैं। इन लोगों की खोज के लिए एनडीआरएफ बल के जवानों को भेजा गया है।
जिले में भारी बारिश से हुए नुकसान के आकलन के लिए उपमंडल स्तर टीमों का गठन किया गया है। इनमें राजस्व, बागवानी, कृषि, पशु पालन एवं अन्य विभागों के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। यह दल गांव-गांव जाकर लोगों से मिलेंगे और नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेंगे। उपायुक्त किन्नौर कै. जेएम पठानिया ने बताया कि सैलानियों सहित अन्य लोगों और मरीजों को हेलिकाप्टर के माध्यम से रामपुर के लिए भेजा जा रहा है।

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